मोदीजी महाराष्ट्र सदा अग्रेसर आप अपना देखिये महाराष्ट्र चुनाव प्रचार मुहीममे भाजप जोर शोर से प्रचार कर रहा हैं कि काँग्रेस सरकारने महाराष्ट्रको कहांसे कहां लाकर रख दिया हैं वो कहते है उनके राज्यमे स्वप्नसुंदरीकी गालकी तरह सडके है. होगी भाई. जंगलमे मोर नाचा किसने देखा ? लेकिन महाराष्ट्रमे पब्लिक ट्रान्स्पोर्ट का जो नेटवर्क है वैसा दुनियामे कही नही. जी हां साब मै हांक नही रहा हुं. रिकार्ड बुक के अनुसार पुरी दुनियामे " महाराष्ट्र राज्य रस्ता परिवहन महामंडळ " यानेकी Maharashtra state road transport corporation (MSRTC) सरकारी क्षेत्रमे सबसे बडा संस्थान हैं. आम जनता इसे एसटी ( ST ) की नामसे जान ती हैं. इस संस्थानका घोष वाक्य हैं " रस्ता तेथे एसटी " मतलब जहा रास्ता वहां एसटी. रास्ता कैसा भी हो. और एसटीके विशाल और सुविधओंसे परिपूर्ण बस स्थानक जिसे महाराष्ट्रमे बस स्टेशन के नाम से जान जाता हैं, काफी तादादमें है. एसटीमे टिकट पंच करके देनेका जो अनुठा सिस्टम था वो अन्य प्रान्तोमे नही था. अब तो खैर ईलेकट्रोनिक मशीन आ गये. और एक बात १९८२ सालमे हुये एशियाई खेलोंके लिये खिलाडीयोन्को लाने लेजाने के लिये जो २०० बसे थी वो MSRTC ने अपने वर्कशॉपमे बनाई थी. एशियाई खेलोके बाद आज भी वो बसे महाराष्ट्र की सडकोपर दौड रही हैं. MSRTC की स्थापना १९४८ मे की गायी थी. आज ६६ साल के बादभी महाराष्ट्रकी जनता इन बसोमे ख़ुशीख़ुशी सफर करती है. स्टेट ट्रान्सपोर्ट का ऐसा अनुठा और विशाल नेटवर्क भारतके किसी अन्य प्रान्तमे नही हैं. महाराष्ट्रमे परिवहन क्षेत्रमे सरकारका एकाधिकार (Monopoly )हैं. पूज्य आचार्य विनोबा कहते थे की " जो सरकारी होता है वो असरकारी नही होता हैं ". महाराष्ट्राने इस बात को झुठला दिया हैं. कभी आईये महाराष्ट्रमे एसटीका नेटवर्क देखनेके लीये. " पधारो म्हारे देश. "
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