दोहे इलाहीचे
किती कमवशी, कसा वागशी, उधळू नको चौखूर
टीचभर पोटासाठी माणूस झाला भस्मासुर ------- इलाही जमादार , दैनिक हिंदुस्थान अमरावती, १८/१२/१३
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