बुधवार, २ सप्टेंबर, २०१५

जो निवडणुका जिंकला,
तो सिकंदरच असेल'
असे आवश्यक नाही.
तो बिलन्दरही असू शकतो.
(चाल --बहती हवा सा था वो) ..
गुजरात से आया था वो..
काला धन लानेवाला था वो..
कहा गया उसे ढूंढो..!!
हमको देश की फिकर सताती..
वो बस विदेश के दौरे लगाता..
दुनिया भर में बेज्जती करता था वो..!!
हमको बढती महेंगाई सताती..
वो बस मनकी बात सुनाता..
हर वक्त अपनी सेल्फी खिचता था वो !!
दाऊद को लानेवाला था वो..
मंदिर बनानेवाला था वो..
कहा गया उसे ढूंढो..!!
हम सहते रहते देश में..
वो विदेश के गोते लगाता..
सूटबूट में लंबी फेकता था वो !!
हर बातमें यू टर्न लेता था वो..
अडानी का दलाल था वो..
कहा गया उसे ढूंढो !!
पाकिस्तानको झुकानेवाला था वो..
अच्छे दिन लानेवाला था वो..
कहा गया उसे ढूंढो! !
हमे तो कल की फिकर सताती..
वो रोज शाही जश्न मनाता..
हर लम्हे को इव्हेंट बनाता था वो..!!
हमको हकीकत का डर है सताता..
वो रोज नये नये सपने दिखाता..
झूठ की भरी हूइ पोटली था वो..!!
गुजरात से आया था वो..
काला धन लानेवाला था वो..
कहा गया उसे ढूंढो..!!

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